Chandranath Rath Murder Case: भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या किए जाने का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। पश्चिम बंगाल पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस की जांच में जुटी है और अब इसकी कड़ियां उत्तर प्रदेश से भी जुड़ती नजर आ रही हैं। जांच के दौरान मिले दो मोबाइल नंबरों ने पुलिस को यूपी तक पहुंचा दिया, हालांकि अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग पाया है।
6 मई की रात हुई थी हत्या
जानकारी के मुताबिक, 6 मई की रात करीब 10:30 बजे 42 वर्षीय चंद्रनाथ रथ को गोली मार दी गई थी। वह कोलकाता से मध्यमग्राम स्थित अपने घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
बताया जा रहा है कि बदमाशों ने चंद्रनाथ रथ के सीने में दो और पेट में एक गोली मारी। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हलचल तेज हो गई और पुलिस ने मामले की जांच कई स्तरों पर शुरू कर दी।
संदिग्ध कार और बाइक बरामद
हत्या की जांच के दौरान बंगाल police ने एक संदिग्ध कार और बाइक बरामद की। इसके साथ ही घटना के समय सक्रिय मोबाइल टावरों से जुड़े कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल डेटा की भी जांच की गई। तकनीकी जांच में पुलिस को कई अहम जानकारियां मिलीं, जिनके आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई।
दो मोबाइल नंबरों ने पहुंचाया यूपी
जांच के दौरान पुलिस को दो मोबाइल नंबर उत्तर प्रदेश के मिले। इन नंबरों के आधार पर संबंधित लोगों से पूछताछ की गई और फिर संभावित संदिग्धों की तलाश में बंगाल पुलिस की टीम यूपी पहुंची।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस को संभल जिले के गुन्नौर इलाके में एक संदिग्ध के बारे में जानकारी मिली थी। हालांकि तकनीकी भ्रम की वजह से पुलिस टीम पहले बदायूं पहुंच गई। बाद में सही लोकेशन मिलने पर टीम संभल पहुंची, लेकिन वहां भी कोई महत्वपूर्ण सुराग नहीं मिला।
बदायूं एसएसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि पश्चिम बंगाल पुलिस सुबह बदायूं पहुंची थी। उन्हें संभल के गुन्नौर क्षेत्र में जांच करनी थी और कुछ सबूत जुटाने थे, लेकिन वहां कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। उन्होंने कहा कि बंगाल पुलिस अब मामले की अन्य एंगल से भी जांच कर रही है और तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।
हायर किए गए शूटरों पर शक
जांच एजेंसियों को शुरुआती जांच में इस बात के संकेत भी मिले हैं कि चंद्रनाथ रथ की हत्या के लिए पेशेवर शूटरों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। पुलिस इस एंगल पर भी गंभीरता से जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी सुवेंदु अधिकारी से जुड़े कई करीबी लोगों की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। ऐसे में चंद्रनाथ रथ हत्याकांड को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है और इसकी जांच पर सभी की नजर बनी हुई है।
Author: Shivam Verma
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