मध्य पूर्व में तनाव उस समय और बढ़ गया जब ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी की नौसेना ने एक बड़ा दावा किया है। उनके अनुसार ‘एल गैया’ नामक एक विशाल तेल टैंकर होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी हिस्से में एक प्रतिबंधित और गैरकानूनी रास्ते का इस्तेमाल कर रहा था। इसी दौरान वह पानी के भीतर बिछाई गई नेवल बारूदी सुरंग यानी माइन की चपेट में आ गया, जिससे पोत में भीषण विस्फोट हुआ और आग भड़क उठी।
सेपाह न्यूज पर जारी आधिकारिक बयान में आईआरजीसी ने स्पष्ट किया है कि इस जलमार्ग में सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने का परिणाम बेहद घातक साबित हो सकता है। टैंकर में लगी आग को बुझाने के लिए तुरंत प्रयास किए गए थे, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि पूरा जहाज कुछ ही देर में लपटों में घिर गया। ईरानी अधिकारियों ने एक बार फिर दोहराया है कि यह रणनीतिक समुद्री मार्ग पूरी तरह बंद है और इस पर ईरान की नौसेना का सख्त नियंत्रण बना हुआ है।
इस बीच पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी यानी पीजीएसए ने भी अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है। एजेंसी ने सभी बीमा कंपनियों, जहाजों के वर्गीकरण संगठनों और प्रोटेक्शन एंड इंडेम्निटी क्लबों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी जहाजी बेड़े को अपनी सेवाएं न दें। ऐसा करने वाली कंपनियों और संगठनों को भविष्य में गंभीर कानूनी और व्यावसायिक परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।
गौरतलब है कि इसी महीने की शुरुआत में आईआरजीसी ने होर्मुज स्ट्रेट के पास एक अमेरिकी मानव रहित सतही नौका को भी निशाना बनाया था। आईआरजीसी का कहना है कि यह अमेरिकी नौसेना की आक्रामक गतिविधियों का हिस्सा था। संगठन ने चेतावनी दी है कि इस संवेदनशील समुद्री क्षेत्र में किसी भी प्रकार की शत्रुतापूर्ण उपस्थिति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उसे तुरंत नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि फरवरी के आखिर में ईरान पर हुए हमलों के बाद से इस अहम जलमार्ग पर सुरक्षा प्रतिबंधों को और अधिक कड़ा कर दिया गया है। एक तरफ जहां अमेरिकी बलों ने ईरानी बंदरगाहों की तरफ जाने वाले जहाजों पर नौसैनिक नाकाबंदी लगा रखी है, वहीं ईरान भी इस क्षेत्र में अपनी सैन्य पकड़ को मजबूत करने के लिए पूरी तरह आक्रामक रुख अपनाए हुए है।
Author: Shivam Verma
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