World News: लेबनान और इजरायल के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने हाल ही में संपन्न हुई बातचीत को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया है। रोम में आयोजित इस बैठक में दोनों देशों के बीच सीमा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों और कैदियों की वापसी की प्रक्रिया पर महत्वपूर्ण चर्चा की गई है। इस प्रगति को क्षेत्रीय शांति की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, रोम में हुई इस हाई-प्रोफाइल बैठक में चार प्रमुख बिंदुओं पर मंथन किया गया। इनमें मुख्य रूप से युद्धविराम को लागू करने, सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था, बुलडोजर कार्रवाई को रोकने और पायलट क्षेत्रों की पहचान जैसे मसले शामिल थे। लेबनान ने सीमा और कैदियों के मुद्दों पर आई ‘सकारात्मक प्रगति’ का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि जल्द ही इसे जमीन पर उतारा जाएगा।
अमेरिकी प्रशासन भी इस पूरे घटनाक्रम में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। जानकारों का कहना है कि युद्धविराम और अन्य जटिल मुद्दों को सुलझाने के लिए अमेरिकी जनरल जोसेफ क्लियरफील्ड जल्द ही बेरूत का दौरा करेंगे। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य जून के अंत में वाशिंगटन में हुए फ्रेमवर्क समझौते को मजबूती से लागू करना और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करना है।
दूसरी ओर, जमीनी स्थिति अभी भी काफी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन (UNIFIL) ने हाल ही में दक्षिणी लेबनान में इजराइल और हिज्बुल्लाह के बीच सैन्य गतिविधियों में वृद्धि दर्ज की है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में हवाई क्षेत्र के उल्लंघन और गोलाबारी की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है, जो दोनों देशों के बीच की नाजुक शांति के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें अब अमेरिकी मध्यस्थता और लेबनान-इजरायल के बीच होने वाली अगली बैठकों पर टिकी हैं। क्या यह बातचीत युद्ध के माहौल को खत्म कर एक स्थायी समाधान की ओर ले जाएगी, यह आने वाला समय ही बताएगा। हालांकि, दोनों देशों के अधिकारियों की बातचीत में बनी सहमति से एक उम्मीद की किरण जरूर दिखाई दे रही है।
Author: Shivam Verma
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