Lucknow News: राजधानी लखनऊ के महानगर इलाके में एक 24 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध हालात में मौत का मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ एक परिवार को तोड़ दिया, बल्कि पूरे इलाके को भी हिलाकर रख दिया। मृतका के पिता ने इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या बताया है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग (फांसी) की पुष्टि हुई है, लेकिन जांच अब भी जारी है।
अफसर बनना चाहती थी बेटी
हजरतगंज इलाके में रहने वाले प्रेमचंद्र की बेटी ने बीकॉम की पढ़ाई पूरी करने के बाद पुलिस अफसर बनने का सपना देखा था। पिता ने बताया कि उनकी बेटी पढ़ाई में तेज, समझदार और आत्मविश्वास से भरपूर थी। वह पूरी मेहनत से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। पिता प्रेमचंद्र भावुक होते हुए कहते हैं, “मेरी बिटिया ने कभी हार नहीं मानी। वह बहादुर थी, आत्महत्या जैसी बात हम सोच भी नहीं सकते। दरिंदे पवन ने उसे मार डाला और हमारे बुढ़ापे का सहारा छीन लिया।”
बॉयफ्रेंड के घर से मिला शव
गुरुवार को महानगर थाना क्षेत्र में मृतका का शव उसके बॉयफ्रेंड पवन बरनवाल के घर पर बेड पर पड़ा मिला। मृतका की चचेरी बहन ने बताया कि बुधवार शाम को पवन दुकान पर आया था और मृतका से झगड़े की शिकायत करते हुए उसे अपने साथ चलने को कहा। जब बहन कुछ समय बाद पवन के घर पहुंची, तो देखा कि मृतका बेहोश पड़ी है और पंखे से एक काले रंग का कपड़ा लटक रहा था। शरीर पर कोई भी बाहरी चोट का निशान नहीं था।
उन्होंने बताया कि परिजनों को तुरंत सूचना दी गई और बहन को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही पवन फरार हो गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने छात्रा को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस कह रही आत्महत्या, लेकिन पिता राजी नहीं
एडीसीपी सेंट्रल मनीषा सिंह के अनुसार, छात्रा की मौत हैंगिंग यानी फांसी से हुई है। फोरेंसिक टीम ने मौके से सभी साक्ष्य एकत्र कर पोस्टमार्टम कराया, जिसमें आत्महत्या की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है और पवन की तलाश में टीमें गठित कर दी गई हैं।
मृतका के पिता इस रिपोर्ट को सिरे से नकारते हुए कहते हैं, “मेरी बेटी बहुत बहादुर थी। उसने कभी भी जीवन से हार नहीं मानी थी। ये आत्महत्या नहीं, एक साजिश है। योगी जी से अपील है कि आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाया जाए, ताकि ऐसे लोगों को सबक मिल सके।”











