World News: मेक्सिको की राजनीति में इन दिनों विदेशी दखलअंदाजी का मुद्दा गर्माया हुआ है। देश की राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबौम ने एक बार फिर स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि मेक्सिको के आंतरिक मामलों में किसी भी प्रकार का बाहरी हस्तक्षेप बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका यह कड़ा बयान देश की संप्रभुता और राजनीतिक स्वतंत्रता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
अपनी एक हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राष्ट्रपति शेनबौम ने उन आंतरिक और बाहरी तत्वों की कड़ी आलोचना की जो परोक्ष रूप से विदेशी ताकतों के प्रभाव का समर्थन करते हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि ऐसे लोग अमेरिका के कुछ खास राजनीतिक वर्गों के साथ-साथ मेक्सिको के अपने विपक्षी दलों के भीतर भी मौजूद हैं, जो देश की छवि को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।
अपने संबोधन में उन्होंने जोर देकर कहा कि मेक्सिको और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय रिश्ते सिर्फ आपसी सहयोग, सम्मान और समन्वय पर टिके होने चाहिए, न कि किसी तरह की गुलामी या अधीनता पर। उन्होंने देश के संविधान, गौरवशाली इतिहास और लोकतांत्रिक सिद्धांतों का हवाला देते हुए कहा कि सरकार भविष्य में भी इसी नीति पर अडिग रहेगी।
शेनबौम ने एक हालिया जनमत सर्वेक्षण के आंकड़ों का हवाला देते हुए यह भी बताया कि देश की करीब 91 प्रतिशत जनता किसी भी प्रकार के विदेशी हस्तक्षेप के सख्त खिलाफ है। उन्होंने सवाल उठाया कि कुछ चुनिंदा अमेरिकी समूह और दक्षिणपंथी मीडिया संस्थान क्यों जानबूझकर यह झूठा नैरेटिव गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं कि मेक्सिको के आम नागरिक इस मामले पर कुछ और सोचते हैं।
दूसरी ओर, देश के आर्थिक हालातों को लेकर भी महत्वपूर्ण अपडेट सामने आए हैं। निजी क्षेत्र के आर्थिक अध्ययन केंद्र (सीईईएसपी) ने सरकार द्वारा साल 2027 के लिए पेश किए गए नए आर्थिक पैकेज और बजट प्रस्तावों को पहले की तुलना में अधिक यथार्थवादी बताया है। हालांकि, आर्थिक विकास के अनुमानों में कटौती किए जाने के बाद से सार्वजनिक कर्ज और वित्तीय अनुशासन को लेकर चर्चाओं का दौर भी शुरू हो गया है।
Author: Shivam Verma
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