भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन निवेशकों के लिए एक बेहद रोमांचक और चौंकाने वाला नजारा देखने को मिला। बाजार की शुरुआत बेहद कमजोर और निराशाजनक रही थी, जिसे देखकर निवेशकों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई थीं। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी दोनों ही लाल निशान के साथ खुले और शुरुआती कुछ ही मिनटों में धड़ाम हो गए। इस भारी गिरावट ने बाजार में तहलका मचा दिया था और हर कोई इस अचानक आई मंदी से हैरान था।
कारोबार की शुरुआत में स्थिति इतनी खराब थी कि बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर से काफी नीचे लुढ़क गया और देखते ही देखते 600 अंकों से ज्यादा का गोता लगा गया। बाजार खुलने के महज पांच मिनट के भीतर ही बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिला। इसी तरह निफ्टी इंडेक्स में भी जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई और वह भी अपने अहम सपोर्ट लेवल को तोड़ते हुए नीचे फिसल गया। बाजार के इस खराब प्रदर्शन को देखकर ऐसा लग रहा था कि आज का पूरा दिन निवेशकों के लिए भारी नुकसान वाला साबित होने वाला है।
हालांकि, शेयर बाजार की चाल कब बदल जाए, इसके बारे में पहले से कुछ नहीं कहा जा सकता और सोमवार को यही बात एक बार फिर साबित हो गई। बाजार के शुरुआती आधे घंटे के भीतर ही पूरा गेम पूरी तरह से पलट गया। जैसे ही चुनिंदा दिग्गज शेयरों में लिवाली शुरू हुई, वैसे ही बाजार ने जबरदस्त यू-टर्न ले लिया। गिरावट के गर्त में जा चुका सेंसेक्स अचानक से रिकवर हुआ और करीब 360 अंकों की जोरदार छलांग लगाते हुए हरे निशान में लौट आया।
सेंसेक्स की तरह ही एनएसई के निफ्टी ने भी अपनी खोई हुई रफ्तार को वापस पा लिया और शानदार वापसी करते हुए निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी। बाजार में आई इस अचानक तेजी के पीछे मुख्य रूप से कुछ चुनिंदा शेयरों का बेहतरीन प्रदर्शन रहा। जहां एक तरफ आईटी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा और वे कमजोर नजर आए, वहीं दूसरी तरफ अडानी पोर्ट्स, कोटक बैंक, टाटा स्टील और सन फार्मा जैसे दिग्गज शेयरों ने बाजार को संभालने में अहम भूमिका निभाई।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस उठापटक के पीछे वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आए उतार-चढ़ाव और बाजार के डर को मापने वाले इंडेक्स इंडिया विक्स में आई नरमी का बड़ा हाथ है। ब्रेंट क्रूड के दामों में आई हल्की राहत से निवेशकों का सेंटिमेंट सुधरा, जिसका सीधा फायदा घरेलू बाजारों को मिला। हालांकि, जानकारों का हमेशा यही सुझाव होता है कि शेयर बाजार की इस तरह की तेज चाल के बीच किसी भी तरह का नया निवेश करने से पहले अपने वित्तीय विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें।










