उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक केंद्र वाराणसी में आयोजित एक भव्य एयर शो के दौरान सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। यहां एक शातिर युवक भारतीय सेना के प्रतिष्ठित कैप्टन की वर्दी और फर्जी पहचान का सहारा लेकर वीवीआईपी और संवेदनशील इलाकों में धड़ल्ले से घूम रहा था। पुलिस की सतर्कता के कारण इस फर्जीवाड़े का समय रहते पर्दाफाश हो गया और आरोपी को धर दबोचा गया।
यह घटनाक्रम शहर के प्रसिद्ध नमो घाट का है, जहां वायुसेना के अद्भुत एयर शो के मद्देनजर चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों को तैनात किया गया था। ड्यूटी पर मौजूद आदमपुर थाने की पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि हेलीपैड के आसपास एक संदिग्ध युवक खुद को सेना का बड़ा अधिकारी बताकर रौब झाड़ रहा है। इसके बाद पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए उस संदिग्ध को घेराबंदी कर दबोच लिया।
पकड़े गए युवक ने पूछताछ के दौरान अपना नाम अर्पित चतुर्वेदी बताया और खुद को भारतीय सेना में कैप्टन के पद पर कार्यरत होने का दावा किया। हालांकि, जब पुलिस ने उसके दस्तावेजों और आर्मी विंग से उसका सत्यापन करवाया, तो सारा सच सामने आ गया। पता चला कि वह कोई फौजी अधिकारी नहीं बल्कि आम नागरिक है और उसने सिर्फ धौंस जमाने के लिए यह फर्जीवाड़ा रचा था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले का रहने वाला है। इतनी बड़ी सुरक्षा व्यवस्था और एयर शो जैसे संवेदनशील कार्यक्रम के दौरान एक फर्जी अफसर का इस तरह घूमना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया था। पुलिस ने इस मामले में तुरंत कड़ा कदम उठाते हुए आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
आदमपुर पुलिस थाने में आरोपी अर्पित चतुर्वेदी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस युवक का असली मकसद क्या था और क्या इस साजिश में उसके साथ कोई और भी शामिल था। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह से चौकस हो गई हैं।










