Lucknow News: यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा जुबानी हमला बोला है। हाल के दिनों में लगातार सपा प्रमुख को निशाने पर ले रहे राजभर ने इस बार सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव की राजनीति पर सवाल उठाए और उन पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाया।
सोशल मीडिया पोस्ट में साधा निशान
सोमवार को ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि जिन्ना को आदर्श मानने वाले और ऑपरेशन सिंदूर में देश के 11 लड़ाकू विमानों के गिरने का “देश विरोधी झूठ” फैलाने वाले अखिलेश यादव समाज तोड़क राजनीति करते हैं। उन्होंने कहा कि लगातार चुनाव हारने के बाद सपा प्रमुख के पास अब केवल महल और अकूत संपत्ति बची है।
राजभर ने अपने पोस्ट में लिखा कि अखिलेश यादव दस साल पहले मुख्यमंत्री थे, लेकिन आज भी जनता की गाढ़ी कमाई से जुटाए गए धन के बल पर किराए के हवाई जहाज से घूमते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख की पूरी राजनीति अफवाहबाजी पर आधारित है।
‘ट्विटर, एसी और पीसी की राजनीति’
सुभासपा अध्यक्ष ने आगे कहा कि झूठ और अफवाह फैलाना सबसे आसान काम है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए लिखा कि जिस व्यक्ति की राजनीति ट्विटर, एसी और पीसी पर निर्भर हो, उससे समाज जोड़ने वाली राजनीति की अपेक्षा करना व्यर्थ है।
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि वह अखिलेश यादव से अलग राजनीति की उम्मीद नहीं करते, क्योंकि उनकी राजनीति का आधार ही अफवाह फैलाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख समाज को बांटने वाली राजनीति कर रहे हैं।
‘आसमान में भैंस उड़ाने’ वाला तंज
अपने बयान में राजभर ने सबसे तीखा तंज “आसमान में भैंस उड़ाने” को लेकर कसा। उन्होंने लिखा कि अखिलेश यादव और उनके लोग कुछ भी कर सकते हैं और “आसमान में अपनी भैंसे उड़ा सकते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “ओम प्रकाश राजभर जमीन पर भैंस चरा सकता है, लेकिन आसमान में भैंस उड़ाने की कला में सैफई कुनबा ही पारंगत है।”
लगातार जारी है बयानबाजी
बता दें कि हाल के दिनों में ओम प्रकाश राजभर लगातार अखिलेश यादव पर हमलावर हैं। बाल बढ़ाने से लेकर बंगाल चुनाव तक विभिन्न मुद्दों पर वह सपा प्रमुख पर निशाना साध चुके हैं। वहीं, राजभर के इन बयानों को लेकर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज होता दिखाई दे रहा है।
Author: Shivam Verma
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