Abhijit Dipke: कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक अभिजित दिपके ने बुधवार को पुणे में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पार्टी की आगामी रणनीति और विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर अपनी बात रखी। इस दौरान उनसे सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कण्डेय काटजू द्वारा शुरू की गई ‘इश्क करो पार्टी’ को लेकर भी सवाल पूछा गया, जिस पर उन्होंने प्रतिक्रिया दी।
‘किसी को भी पार्टी बनाने का अधिकार है’: दिपके
दरअसल, हाल ही में पूर्व न्यायाधीश मार्कण्डेय काटजू ने युवाओं से कॉकरोच जनता पार्टी छोड़कर उनकी नई ‘इश्क करो पार्टी’ में शामिल होने की अपील की थी। इस संबंध में पूछे गए सवाल पर अभिजित दिपके ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी राजनीतिक या सामाजिक विचारधारा के अनुरूप संगठन या पार्टी बनाने का अधिकार है।
दिपके ने कहा, “मुझे लगता है कि यह देश एक लोकतांत्रिक देश है। ऐसे में किसी को भी कोई भी पार्टी शुरू करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।”
क्या है मार्कण्डेय काटजू की ‘इश्क करो पार्टी’?
सोशल मीडिया पर अपने विचारों और पोस्ट के लिए चर्चित रहने वाले पूर्व न्यायाधीश मार्कण्डेय काटजू ने कुछ दिन पहले ‘इश्क करो पार्टी’ नामक एक नई व्यंग्यात्मक पार्टी की घोषणा की थी। पार्टी के प्रचार-प्रसार के लिए उन्होंने इंस्टाग्राम और फेसबुक पेज के साथ एक वेबसाइट भी बनाई है।
काटजू ने लोगों से अपील की है कि वे कॉकरोच जनता पार्टी छोड़कर उनकी ‘इश्क करो पार्टी’ से जुड़ें। उन्होंने बताया कि इस पार्टी का विचार उन्होंने अमेरिका में रहने वाले अपने मित्र इरफान अली के साथ साझा किया था। प्रस्ताव पसंद आने के बाद पार्टी के गठन और उसके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
पूर्व न्यायाधीश के अनुसार, कई लोगों ने शुरुआत में इसे केवल मजाक समझा, लेकिन उनका कहना है कि पार्टी का उद्देश्य केवल पुरुष और महिला के बीच प्रेम को बढ़ावा देना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘इश्क’ का अर्थ भारत और उसके सभी नागरिकों के प्रति प्रेम और एकता की भावना से है, चाहे उनका धर्म, जाति, भाषा या नस्ल कुछ भी हो। उन्होंने लोगों से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होने की अपील भी की है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े दिपके
प्रेस वार्ता के दौरान अभिजित दिपके ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भी अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं, तो कॉकरोच जनता पार्टी देशभर में आंदोलन शुरू करेगी।
दिपके के अनुसार, इस अभियान की शुरुआत गुरुवार को पुणे विश्वविद्यालय से होगी। उन्होंने कहा कि छात्र धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एकत्रित होंगे। इसके बाद जयपुर, लखनऊ और बेंगलुरु सहित विभिन्न शहरों में भी आंदोलन आयोजित किए जाएंगे, जिनमें वह स्वयं शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि यह पूरा आंदोलन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जाएगा। साथ ही चेतावनी दी कि यदि इसके बावजूद शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं, तो 20 तारीख को बड़ी संख्या में युवा जंतर-मंतर पहुंचेंगे और अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन करेंगे।
कैसे शुरू हुआ कॉकरोच जनता पार्टी का अभियान
यह पूरा घटनाक्रम सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद चर्चा में आया था। इसके बाद अमेरिका में रहने वाले अभिजित दिपके ने सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम से एक पेज बनाया।
बताया जाता है कि इस पेज से देखते ही देखते लगभग 22 मिलियन लोग जुड़ गए। बाद में नीट पेपर लीक मामले को प्रमुख मुद्दा बनाते हुए कॉकरोच जनता पार्टी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और 6 जून को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की घोषणा की।
6 जून को अभिजित दिपके अमेरिका से भारत पहुंचे और अपने समर्थकों के साथ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देने का अल्टीमेटम दिया और चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को देशव्यापी स्तर पर विस्तार दिया जाएगा।
Author: Shivam Verma
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