NEET Re-Exam: नीट यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा से ठीक पहले एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागपुर के रहने वाले एक परीक्षार्थी को जब अपना एडमिट कार्ड मिला, तो वह दंग रह गया। छात्र को उसके गृह नगर या आसपास के केंद्र के बजाय सीधे संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया। इस चौंकाने वाली लापरवाही के बाद छात्र और उसका परिवार मानसिक तनाव से गुजरने को मजबूर हो गया।
इस पूरे मामले पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए एनटीए की व्यवस्था को आड़े हाथों लिया। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि एक छात्र जो महीनों से अपनी परीक्षा की तैयारी कर रहा है, उसे अचानक विदेश में सेंटर देने का क्या तुक है? उन्होंने इसे किसी छात्र के सपनों के साथ खिलवाड़ करार देते हुए कहा कि न तो उस छात्र के पास पासपोर्ट है और न ही इतनी जल्दी विदेश यात्रा का साधन, ऐसे में यह प्रशासनिक विफलता की पराकाष्ठा है।
विपक्ष के कड़े तेवर और सोशल मीडिया पर मामला तूल पकड़ने के बाद एनटीए हरकत में आई है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, एजेंसी ने अपनी गलती सुधारने का भरोसा दिया है। एनटीए का कहना है कि संबंधित छात्र की शिकायत का समाधान किया जा रहा है और जल्द ही उसे नागपुर में ही परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया जाएगा। हालाँकि, इस घटना के बाद छात्रों के बीच री-एग्जाम की पारदर्शिता और सिस्टम पर भरोसे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

बता दें कि पीड़ित छात्र अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब ने अपने फॉर्म में नागपुर, वर्धा और भंडारा जैसे शहरों को प्राथमिकता दी थी। एडमिट कार्ड पर अबू धाबी का सेंटर देखते ही परिवार सदमे में आ गया था। पिता डॉ. मोहम्मद तालिब ने बताया कि उनका बेटा परीक्षा को लेकर काफी चिंतित और रोने लगा था, क्योंकि बिना किसी तैयारी या पासपोर्ट के दूसरे देश जाना कतई संभव नहीं था। यह घटना एक बार फिर एनटीए की तकनीकी खामियों को उजागर कर रही है।
एनटीए ने इस मामले के बाद सभी उम्मीदवारों को एक जरूरी सलाह जारी की है। एजेंसी ने कहा है कि परीक्षा से पहले सभी परीक्षार्थी अपने एडमिट कार्ड की बारीकी से जांच कर लें। यदि केंद्र के नाम या व्यक्तिगत विवरण में कोई भी गलती दिखाई देती है, तो उम्मीदवार तुरंत एनटीए की हेल्पलाइन पर संपर्क करें। 21 जून को होने वाली इस री-एग्जाम के लिए बोर्ड ने बायोमेट्रिक सत्यापन और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का दावा किया है, ताकि परीक्षा निर्बाध रूप से संपन्न हो सके।
Author: Shivam Verma
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