West Bengal: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के लिए एक नई चुनौती सामने आती दिखाई दे रही है। खबर है कि जाधवपुर से लोकसभा सांसद और हाल ही में काबा-मदीना गीत को लेकर चर्चा में रहीं सायोनी घोष पार्टी के भीतर सक्रिय बागी गुट का हिस्सा बन सकती हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बागी गुट से संपर्क की चर्चा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सायोनी घोष ने सांसद काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाले गुट से संपर्क किया है। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि उन्होंने इस गुट का समर्थन करने का निर्णय लिया है और इससे जुड़े कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी कर दिए हैं। हालांकि, इन दावों पर सायोनी घोष की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
बताया जा रहा है कि इससे पहले लगभग 20 सांसद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को समर्थन पत्र सौंपने की तैयारी में थे, जिससे पार्टी के भीतर चल रही हलचल को और बल मिला है।
पार्टी में भविष्य को लेकर बढ़ी नाराजगी
रिपोर्ट के अनुसार, सायोनी घोष के करीबी सूत्रों का कहना है कि उन्हें तृणमूल कांग्रेस में अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चिंता है। सूत्रों के मुताबिक, उनकी नाराजगी का प्रमुख कारण पार्टी नेतृत्व से अपेक्षित समर्थन न मिलना है।
कहा जा रहा है कि चुनाव प्रचार के दौरान वह विपक्ष के तीखे निशाने पर थीं, लेकिन उस समय पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का पर्याप्त सहयोग उन्हें नहीं मिला। इसी कारण उनके भीतर असंतोष बढ़ता गया।
चुनाव परिणाम के बाद जताई थी ममता के प्रति निष्ठा
गौरतलब है कि 4 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद सायोनी घोष ने सार्वजनिक रूप से तृणमूल कांग्रेस के साथ बने रहने और पार्टी नेतृत्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी।
उन्होंने कहा था कि वह पश्चिम बंगाल की जनता के फैसले को विनम्रतापूर्वक स्वीकार करती हैं और जाधवपुर लोकसभा क्षेत्र के लोगों की सेवा के लिए समर्पित रहेंगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि वह अपनी नेता ममता बनर्जी के प्रति वफादार रहेंगी और लोकतंत्र तथा देश की एकता की रक्षा के लिए उनके साथ खड़ी रहेंगी।
हाल ही में मिली थी संगठन में अहम जिम्मेदारी
दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संगठन स्तर पर कई महत्वपूर्ण बदलाव किए थे। इस दौरान सायोनी घोष को एक बार फिर तृणमूल युवा कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, जबकि मधुरिमा ठाकुर को महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
इसके अलावा माला रॉय को महिला तृणमूल कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया और प्रियंका अधिकारी को तृणमूल छात्र परिषद का प्रभार सौंपा गया था।
इन नियुक्तियों के बावजूद सायोनी घोष के संभावित रूप से बागी गुट के साथ जाने की खबरें तृणमूल कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। हालांकि, जब तक पार्टी या सायोनी घोष की ओर से आधिकारिक बयान नहीं आता, तब तक इन अटकलों पर अंतिम मुहर लगना बाकी है।
Author: Shivam Verma
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